लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता अमन बाजपेई की गोली मार कर हत्या के विरोध में समाजवादी प्रबुद्धसभा की ओर से बैठक का आयोजित कर रोष व्यक्त किया गया। बैठक का आयोजन ओझा आरा मशीन स्थित कैंप कार्यालय पर किया गया। बैठक में मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व विधायक केके ओझा मौजूद रहे। सभी कार्यकर्ताओं ने बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा और प्रदेश का हत्याओं को प्रदेश करार दिया। पूर्व विधायक ने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई है। प्रदेश में जंगल राज स्थापित हो गया है। एक होनहार छात्र की हत्या कर दी जाती है। प्रदेश में एक जाति को टारगेट कर उनकी हत्याएं की जा रही हैं जोकि संविधान के हिसाब से उचित नहीं है। नौजवानों व प्रबुद्धजनों को इसके खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी और न्याय की मांग करनी होगी। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष नंदेश्वर नंद ने बताया कि प्रदेश में युवाओं को भविष्य खतरे में है। प्रदेश में लगातार छात्र नेताओं को प्रताणित कर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। प्रबुद्ध सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष हर्षित त्रिपाठी ने छात्र नेता की हत्या को गुंडाराज करार देते हुए प्रबुद्ध समाज को एकजुट होकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात कही। बैठक में प्रबुद्ध सभा जिलाध्यक्ष जीतेन्द्र दीक्षित, राकेश, अज्जू बाजपेई, नीरज शुक्ला, शिवम शुक्ला, महबूब अली, सत्यम बाजपेई, बाबू खान, रामू, बलबीर वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।


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