आईआईटी में छह माह बाद शोध फिर से शुरू होंगे। लैबों में बंद पड़े विभिन्न ब्रांच के करीब 100 से अधिक शोध कार्यों को पीएचडी व एमटेक अंतिम वर्ष के छात्र अपने प्रोफेसरों संग शुरू करेंगे। इसके लिए लैब, हॉस्टल का सेनेटाइजेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। पीएचडी व एमटेक अंतिम वर्ष के छात्र करीब छह माह बाद 21 सितंबर को वापस संस्थान आ रहे हैं। बीटेक के छात्रों को इस सेमेस्टर में संस्थान नहीं बुलाया गया है, वे घर से ही ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे।
कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने के साथ ही आईआईटी कानपुर ने 20 मार्च से पूरी तरह बंदी कर दी थी। छात्रों को हॉस्टल खाली कर घर भेजने का निर्देश जारी कर दिया था। कोरोना काल में सभी छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई चलती रही। मगर पीएचडी व एमटेक अंतिम वर्ष के छात्रों के प्रैक्टिकल व शोध कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसे देखते हुए संस्थान ने 21 सितंबर से फिर सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोविड-19 के सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शोध कार्य शुरू करने के लिए छात्रों को बुलाया है।
क्योंकि कई शोध समाज के लिए भी उपयोगी हैं। तापमान चेक करने के बाद ही छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। संस्थान के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर के मुताबिक बीटेक के सभी सेमेस्टर में इस बार सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई होगी। एमटेक और पीएचडी के छात्रों को बुलाया गया है, उनका शोध प्रभावित हो रहा था। वे प्रोफेसरों की मदद से सावधानीपूर्वक अपने शोध कार्य करेंगे।


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